PCOS (Polycystic Ovarian Syndrome) एक हार्मोनल विकार है जिसमें ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं। इससे माहवारी अनियमित हो जाती है, वज़न बढ़ता है, चेहरे पर बाल आते हैं और गर्भधारण में कठिनाई होती है। Mother Hospitals, बोडुप्पल, हैदराबाद में Dr. E. Prashanthi Reddy PCOS का सम्पूर्ण इलाज करती हैं। अभी कॉल करें: 97059 93366।
अनियमित माहवारी, वज़न बढ़ना, या गर्भधारण में परेशानी? Mother Hospitals, बोडुप्पल में PCOS का विशेषज्ञ इलाज — Diet से लेकर IVF तक, सब एक ही जगह। Dr. E. Prashanthi Reddy के साथ परामर्श लें।

MBBS, DGO, PG Diploma in ART – Kiel University, Germany | 20+ Years Experience | TGMC Reg: 50624
PCOS (Polycystic Ovarian Syndrome) आज भारत में हर 5 में से 1 महिला को प्रभावित करता है। यह एक हार्मोनल विकार है जो महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर गहरा असर डालता है।
PCOS में महिला की ओवरी (अंडाशय) में बहुत सारे छोटे-छोटे सिस्ट (थैलियाँ) बन जाती हैं। ये सिस्ट वास्तव में अधूरे विकसित अंडे होते हैं जो परिपक्व नहीं हो पाते। इसका मुख्य कारण शरीर में पुरुष हार्मोन (Androgens) का अधिक होना और Insulin Resistance है। जब ओवरी सही से काम नहीं करती, तो माहवारी अनियमित हो जाती है और अंडा नहीं बनता — जिससे गर्भधारण में दिक्कत होती है।
PCOS एक ऐसी स्थिति है जो सिर्फ प्रजनन तक सीमित नहीं है — यह Diabetes, Heart Disease, और Mental Health को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए इसका समय पर इलाज बहुत ज़रूरी है। Mother Hospitals, बोडुप्पल में हम PCOS को एक sampoorn (holistic) नज़रिए से देखते हैं — सिर्फ माहवारी ठीक करना नहीं, बल्कि आपके पूरे स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारा लक्ष्य है।
यह सबसे सामान्य प्रकार है। शरीर Insulin को सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे रक्त में Insulin की मात्रा बढ़ जाती है। इससे Testosterone बढ़ता है और ओव्यूलेशन रुक जाता है। मोटापा, मीठा खाने की इच्छा और थकान इसके मुख्य लक्षण हैं।
इसमें शरीर में पुरानी सूजन (Chronic Inflammation) होती है जो Androgens के उत्पादन को बढ़ाती है। सिरदर्द, त्वचा की समस्याएं, थकान और खाने की एलर्जी इसके संकेत हो सकते हैं।
इसमें एड्रिनल ग्रंथि (Adrenal Gland) अधिक Androgen बनाती है। तनाव (Stress) इसका मुख्य कारण होता है। DHEAS का स्तर बढ़ा हुआ होता है पर Testosterone सामान्य रह सकता है।
कुछ महिलाओं में गर्भनिरोधक गोलियाँ (Birth Control Pills) बंद करने के बाद PCOS के लक्षण आते हैं। यह आमतौर पर अस्थाई होता है और कुछ महीनों में ठीक हो जाता है।
PCOS, महिलाओं में बांझपन का सबसे सामान्य कारणों में से एक है। जब ओव्यूलेशन नहीं होता, तो गर्भधारण संभव नहीं होता। PCOS में अंडे परिपक्व नहीं हो पाते और माहवारी अनियमित रहती है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि PCOS वाली अधिकांश महिलाएं सही इलाज से गर्भवती हो सकती हैं। Mother Hospitals में हम पहले जीवनशैली बदलाव और दवाइयों से ओव्यूलेशन इंड्यूस करते हैं — और केवल ज़रूरत पड़ने पर IUI या IVF का सुझाव देते हैं।
इन लक्षणों में से 2 या अधिक हों तो PCOS की जांच ज़रूर करवाएं।
माहवारी का 35 दिन से अधिक देर से आना, या साल में 8 बार से कम आना। कुछ महिलाओं में माहवारी कई-कई महीनों तक नहीं आती। यह PCOS का सबसे आम लक्षण है।
बिना कारण वज़न बढ़ना, विशेषकर पेट के आसपास। Insulin Resistance के कारण शरीर में चर्बी जमा होती है। वज़न कम करना भी मुश्किल लगता है।
ठुड्डी, गर्दन, छाती और पेट पर बाल आना (Hirsutism)। यह Testosterone के बढ़ने के कारण होता है और महिलाओं को मानसिक तनाव दे सकता है।
ओव्यूलेशन न होने के कारण गर्भधारण नहीं हो पाता। अगर 6-12 महीने कोशिश के बाद गर्भ न ठहरे तो डॉक्टर से मिलें।
चेहरे, पीठ और छाती पर मुँहासे। Androgens के बढ़ने से त्वचा में तेल (Sebum) ज़्यादा बनता है जिससे पिंपल्स होते हैं।
बालों का झड़ना या पतला होना (Male-pattern baldness)। यह भी Androgen के कारण होता है और महिलाओं में आत्मविश्वास कम कर सकता है।
PCOS का कोई एक कारण नहीं है — यह कई कारकों का मिश्रण है।
PCOS के सटीक कारण अभी भी पूरी तरह समझे नहीं गए हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण कारक इसमें भूमिका निभाते हैं:
जब शरीर की कोशिकाएं Insulin के प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं, तो Pancreas अधिक Insulin बनाता है। यह अधिक Insulin ओवरी को ज़्यादा Testosterone बनाने के लिए उत्तेजित करता है। यह PCOS का सबसे महत्वपूर्ण कारण है और 70% PCOS रोगियों में पाया जाता है।
अगर माँ या बहन को PCOS है, तो आपको भी होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ जीन्स PCOS के विकास में भूमिका निभाते हैं। परिवार में Diabetes या Thyroid की समस्या होने पर भी जोखिम बढ़ता है।
LH (Luteinizing Hormone) का स्तर FSH से अधिक होने पर ओव्यूलेशन नहीं होता। Prolactin या Thyroid Hormone की असामान्यता भी PCOS जैसे लक्षण पैदा कर सकती है। AMH का उच्च स्तर भी PCOS का संकेत हो सकता है।
गलत खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, और नींद की कमी PCOS को बढ़ावा देते हैं। जंक फूड, मीठा और प्रोसेस्ड खाना Insulin Resistance बढ़ाता है। आधुनिक जीवनशैली PCOS के मामलों में वृद्धि का एक बड़ा कारण है।
Rotterdam Criteria के अनुसार, निम्नलिखित में से 2 में से कोई 2 मौजूद हों तो PCOS माना जाता है।
FSH, LH, Testosterone, DHEAS, Prolactin, TSH, Fasting Insulin, Blood Sugar, AMH — ये सभी जांचें PCOS के निदान और प्रकार समझने में मदद करती हैं। Mother Hospitals में सभी जांचें एक ही दिन में हो सकती हैं।
ओवरी में 12 से अधिक छोटे फॉलिकल (2-9 mm) या ओवरी का आकार 10 cc से बड़ा होना PCOS का संकेत है। यह जांच दर्दरहित और त्वरित है।
माहवारी का इतिहास, वज़न, BMI, चेहरे पर बाल, मुँहासे की जांच — Dr. E. Prashanthi Reddy एक विस्तृत क्लिनिकल जांच करती हैं जिसमें आपके सभी लक्षणों का मूल्यांकन होता है।
HbA1c (शुगर का 3 महीने का औसत), Lipid Profile, Vitamin D, और 2-Hour Glucose Tolerance Test — PCOS की गंभीरता और सहवर्ती बीमारियों को समझने के लिए ज़रूरी हैं।
PCOS का इलाज आपके लक्षणों, उम्र, और गर्भधारण की इच्छा पर निर्भर करता है।
PCOS के इलाज में जीवनशैली परिवर्तन सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। शोध दर्शाते हैं कि शरीर के वज़न का केवल 5-10% कम करने से माहवारी नियमित हो सकती है और ओव्यूलेशन बेहतर हो सकता है। रोज़ 30-45 मिनट की तेज़ चाल (Brisk Walk) या Yoga करना, कम GI वाला खाना खाना, और रात 10 बजे से पहले सोना — ये छोटे बदलाव बड़ा फर्क करते हैं। Mother Hospitals में हमारे Nutritionist PCOS के लिए विशेष Diet Plan बनाते हैं।
Metformin — Insulin Resistance को कम करती है और ओव्यूलेशन बेहतर करती है। PCOS की पहली लाइन दवा मानी जाती है। Clomiphene Citrate — ओव्यूलेशन इंड्यूस करने की सबसे पुरानी और आज़माई हुई दवा। 5-6 चक्र में 70-80% महिलाओं में ओव्यूलेशन होता है। Letrozole — वर्तमान में PCOS में ओव्यूलेशन इंड्यूस करने के लिए सबसे बेहतर दवा मानी जाती है — Clomiphene से भी अधिक सफल। इसके साथ FSH Injections भी दिए जा सकते हैं जिसे Gonadotropin Therapy कहते हैं।
जब दवाइयाँ काम नहीं करतीं, तो Laparoscopy द्वारा ओवरी में छोटे-छोटे छेद करके Androgen बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। इसे Ovarian Drilling कहते हैं। इससे 50-80% महिलाओं में ओव्यूलेशन सुधरता है और कई महीनों तक असर रहता है।
अगर 3-6 चक्र Letrozole/Clomiphene के बाद भी गर्भधारण न हो, तो IUI (Intrauterine Insemination) अगला विकल्प है। IUI में ओव्यूलेशन इंड्यूस करके पति के धुले शुक्राणु सीधे गर्भाशय में डाले जाते हैं। अगर IUI से भी गर्भ न ठहरे, या ट्यूब बंद हो, तो IVF-ICSI सबसे प्रभावी विकल्प है। PCOS में IVF करते समय OHSS (अतिरिक्त स्टिमुलेशन) का जोखिम होता है, इसलिए Mother Hospitals में हम Freeze-All Strategy अपनाते हैं — सभी अच्छे भ्रूण जमा करके अगले चक्र में Transfer करते हैं।
PCOS वाली महिलाएं माँ बन सकती हैं — सही देखभाल से।
PCOS वाली महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान कुछ विशेष ध्यान देना ज़रूरी होता है। गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) का जोखिम सामान्य से अधिक होता है — इसलिए नियमित Blood Sugar जांच ज़रूरी है। प्री-एक्लेम्पसिया (उच्च रक्तचाप) का जोखिम भी थोड़ा अधिक होता है।
लेकिन इन सब के बावजूद, सही देखभाल से PCOS वाली महिलाएं स्वस्थ गर्भावस्था और सामान्य प्रसव कर सकती हैं। Mother Hospitals में गर्भावस्था के दौरान भी विशेष PCOS प्रबंधन किया जाता है। हमारे Maternity Team पूरी Pregnancy में आपका साथ देते हैं।
सही आहार PCOS को 30-40% तक नियंत्रित कर सकता है।
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Dr. E. Prashanthi Reddy ने Kiel University, Germany से PG Diploma in ART किया है। उनके पास PCOS के हर प्रकार के प्रबंधन का 20+ साल का अनुभव है।
हम केवल माहवारी नियमित करने तक नहीं रुकते। Diet, Exercise, Stress Management, और Medical Treatment — सभी मिलाकर PCOS का समग्र इलाज होता है।
PCOS के प्रकार की पहचान करके उसी के अनुसार इलाज — सब पर एक जैसी दवा नहीं। AMH, FSH, LH, Insulin, और Ultrasound के आधार पर व्यक्तिगत Plan।
PCOS का इलाज, गर्भधारण, और सुरक्षित प्रसव — सब Mother Hospitals में। एक ही जगह पर पूरी यात्रा का साथ मिलता है।
Mother Hospitals भारत के ART Act 2021 के अंतर्गत पंजीकृत और प्रमाणित है। TGMC Reg: 50624। आपका इलाज पूरी तरह नियमानुसार और सुरक्षित है।
Uppal, Nagole, Habsiguda, Keesara, Chengicherla — हर जगह से आसान पहुंच। Unit Nos. 201-204, Block A, Aakruthi Township, Boduppal, Hyderabad 500092।
PCOS पूरी तरह "ठीक" नहीं होती — यह एक जीवनभर की स्थिति है। लेकिन सही इलाज, Diet, और Exercise से इसके लक्षणों को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। कई महिलाओं में माहवारी नियमित हो जाती है, वज़न कम होता है, और गर्भधारण संभव होता है। रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद PCOS के अधिकांश लक्षण अपने आप कम हो जाते हैं।
PCOS में गर्भधारण की संभावना बहुत अच्छी है। पहले जीवनशैली बदलाव और वज़न कम करने से कोशिश होती है। फिर Letrozole या Clomiphene से ओव्यूलेशन इंड्यूस किया जाता है। 3-6 चक्र में काम न करे तो IUI, और उसके बाद IVF-ICSI का विकल्प है। PCOS में IVF की सफलता दर अच्छी होती है क्योंकि ओवरी में अंडों की संख्या सामान्यतः अधिक होती है।
वज़न कम करना सबसे प्रभावी तरीका है। 5-10% वज़न कम होने से माहवारी नियमित हो सकती है। Metformin, Oral Contraceptive Pills (गर्भधारण न चाहने वालों के लिए), और Progesterone Tablets माहवारी नियमित करने में मदद करते हैं। Yoga, Meditation, और नियमित व्यायाम भी बहुत फायदेमंद हैं।
नहीं — अधिकांश PCOS महिलाओं को IVF की ज़रूरत नहीं पड़ती। पहले जीवनशैली बदलाव और Letrozole/Clomiphene से बहुत अच्छे परिणाम मिलते हैं। केवल तब IVF की सलाह दी जाती है जब: फैलोपियन ट्यूब बंद हो, पुरुष में शुक्राणु की समस्या हो, या 3-6 IUI चक्र असफल हों।
PCOS में Insulin Resistance के कारण शरीर ग्लूकोज़ को सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता। परिणामस्वरूप Insulin का स्तर बढ़ता है जो Fat Storage को बढ़ावा देता है — विशेषकर पेट के आसपास। Cortisol (तनाव हार्मोन) भी भूख बढ़ाता है। इसीलिए PCOS में वज़न कम करना मुश्किल लगता है, पर असंभव नहीं।
हाँ, PCOS वाली महिला नॉर्मल डिलीवरी (Normal Delivery) कर सकती है। PCOS का प्रकार प्रसव विधि तय नहीं करता। यह आपकी गर्भावस्था की स्थिति, बच्चे की स्थिति, और डॉक्टर के आकलन पर निर्भर करता है। Mother Hospitals में माँ और बच्चे दोनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह आपके PCOS के प्रकार और लक्ष्य पर निर्भर करता है। माहवारी नियमित होने में 2-6 महीने लग सकते हैं। गर्भधारण के लिए — पहले Ovulation Induction के 3-6 चक्र, फिर ज़रूरत पड़ने पर IUI या IVF। समग्र PCOS प्रबंधन एक जीवनशैली बदलाव की यात्रा है जो लंबे समय तक जारी रहती है।
अनियमित माहवारी होने से Uterine Lining (Endometrium) पर Estrogen का प्रभाव बढ़ सकता है जो लंबे समय में Endometrial Cancer का जोखिम बढ़ा सकता है। इसीलिए PCOS में माहवारी को नियमित रखना ज़रूरी है। नियमित जांच और इलाज से यह जोखिम बहुत कम किया जा सकता है।
Dr. E. Prashanthi Reddy · TGMC Reg: 50624